जैसे कीचड़ और जल दोनों एकमेक हुए जानने में आते है, किन्तु शुद्ध जल का ही लक्ष्य करने से कीचड़ लक्ष्यगत नहीं होता, क्योंकि वास्तव में जल कीचड़ से भिन्न है. इसी तरहा जीव भी नव तत्वों में एकमेक की भांति देखने में आता है, यध्यपि शुद्ध जीव उस नव तत्वों से वास्तव में भिन्न है.
Quick Links